.
तराज़ू के किस तख्त पर
अपने सिर को यूं टिका कर उन बेमोल
आंसुओं को तौलोगे?
और किस तख्त पर उन ख्वाबों के पुलिंदे
उस छोटी-सी पतंग या डगमगाते परिंदे की
उड़ान को तौलोगे?
.
इस आसमां की रंजिश के किस ओर
होगा तुम्हारी नज़रों का रुख
जब अपनी ही ख्वाहिशों
का जनाज़ा उठाओगे?
और उस समंदर की साज़िश के किस ओर
होगा तुम्हारे गिड़गिड़ाने का तुक
जब अपनी ही ख्वाहिशों
की कब्र दफ़नाओगे?
.
खुद की आगोश में बेफ़िक्र कब तक
खुद की ही सांसें गिन
उस सुकून के लिबादे को अपनी
पहचान बताते फिरोगे?
और नाखूनों से तन कुरेद अपना
अपनी ही रूह छीन
उस तक़दीर की कश्मकश को अपनी
इबादत मनाते फिरोगे?
.
खुदकुशी की जवाबदेही
या
आत्मघात का उत्तरदायित्व
कब फैसला होगा
किस इनायत का?
खुदा मेहरबान तुझपर
या
रब की है मेहर
किस ओर लाश तेरी
किस ओर तेरा सार…
.
If you want to live a happy life, tie it to a goal, not to people or things.
Albert Einstein



